कांग्रेस ने सदैव पिछड़े वर्ग, अल्पसंख्यकों एवं मुसलमानों के विकास के लिये कार्य किया है
कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुये मुख्य अतिथि भारत सरकार के संसदीय कार्य मंत्री श्री राजीव शुक्ला ने कहा कि आज से 64 वर्ष पूर्व महात्मा गाँधी का कत्ल इसलिए किया गया था क्योंकि वह अपने उसूलों पर चलते थे और भारत को एक धर्म-निरपेक्ष राष्ट्र के रूप में देखना चाहते थे उन्होंने कहा कि महात्मा गाँधी ने देश के बँटवारे का आखरी साँस तक विरोध किया। शुक्ला ने कहा कि काग्रेंस की विचारधरा सदैव धर्म निरपेक्ष रही है तथा भारतीय मुसलमान बुनियदी रूप से स्वयं धर्म निरपेक्ष है। उन्होंने मुसलमानों से आग्रह किया की वे अपने मतों के बँटवारे को न होने दे और एकमत होकर कांग्रेस को समर्थन प्रदान करें। इस अवसर पर प्रख्यात फिल्म निर्माता, निर्देशक एवं समाजसेवी श्री महेश भट्ट ने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी का बलिदान केवल भारत ही नहीं बल्कि मानवता के लिये अभूतपूर्व क्षति है और भारत में सम्पूर्ण शांति स्थापित करके ही राष्ट्रपिता को सच्ची श्रधांजलि अर्पित की जा सकती है जिसके लिये आवश्यक है कि देश के प्रत्येक प्रांत में धर्मनिर्पेक्ष राजनीतिक दल की सरकार बने जो केवल कांग्रेस ही दे सकती है। जो सम्पूर्ण रूप से एक धर्म-निर्पेक्ष राजनीतिक दल है। महेश भट्ट ने कांगेस के इतिहास और भारतीय सस्कृति पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारत का अस्तित्व केवल गाँधी की विचार धारा द्वारा ही रह सकता है वरना वह बिखर जायेगा उन्होंने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के छात्रों की प्रशांसा करते हुए कहा कि अमुवि का अल्पसंख्यक स्वरूप तुरन्त बहाल किया जाना चाहिए। महेश भट्ट ने उत्तर प्रदेश और देश के मुसलमानों से अपील की कि वह समय की माँग को पहचाने और कांग्रेस की विचारधरा को अपना समर्थन दें। उन्होंने कहा कि हिन्दुस्तान के हर राज्य में काग्रेंस की सरकार होनी चाहिए ताकि दलित और अल्पसंख्यक वर्ग उन्नति की ओर अग्रसर हो। उन्होंने कहा कि कांग्रेस एक ऐसा दल है जिसके प्रत्येक धर्म-निर्पेक्ष और शांति प्रिय व्यक्ति विश्वास रखता है और स्वतंत्र देश का इतिहास गवाह है कि कांग्रेस ने सदैव पिछड़े वर्ग, अल्पसंख्यकों एवं मुसलमानों के विकास के लिये कार्य किया है जो कोई अन्य दल नहीं कर सका।
अपने अध्यक्षीय भाषण में श्री अज़ीज़ बर्नी ने कहा कि भारत के मुसलमान की हिस्सेदारी के बगैर हिन्दुस्तान नेतृत्व अस्तित्व विहीन रहेगा। उन्होंने कहा कि 30 जनवरी 1948 को सिर्फ महात्मा गाँधी का कत्ल नहीं हुआ था उस दिन हिन्दु राष्ट्र की आधारशीला रखी गई थी जिसे भारतीय मुसलमनों और धर्म-निरपेक्ष ताकतों ने नेस्तनाबूद कर दिया। अज़ीज़ बर्नी ने कहा कि मुसलमान वोट बैंक है वह हुकूमत बना सकता है और गिरा भी सकता है। कार्यक्रम के मानद अतिथि एन॰सी॰पी॰यू॰एल॰ के निदेशक डॉ॰ एम॰ हमीदुल्लाह भट्ट ने केन्द्रीय सरकार की पालीसियों की सराहना करते हुये कहा कि सरकार ने अल्पसंख्यकों और विशेष रूप से मुसलमानों के हितों का सदैव ध्यान रखा है और आशा है कि भविष्य में भी अल्पसंख्यकों के लिये और अधिक रास्ते खुलेंगे। उन्होंने कहा कि केन्द्रीय सरकार उर्दू के विकास में विशेष रूचि रखती है।
कार्यक्रम के निदेशक एवं कारवान-ए-बेदारी के संयोजक जसीम मोहम्मद ने कहा कि वर्तमान समय की माँग है कि भारत के प्रत्येक प्रांत को साम्प्रदायिकता , स्वार्थ की नीतियों, भ्रष्टाचार, भाई भतीजावाद और ज़ात पात के चुंगल से निजात दिलाकर महात्मा गाँधी के सपनों को साकार किया जाये और यह कार्य कांग्रेस की सरकार में ही सम्भव है। उन्होंने कहा कि देश के पाँच प्रांतों में चुनाव चल रहे हैं और आवश्यकता है कि वहाँ की जनता को जागृत किया जाये की वह एक धर्म-निर्पेक्ष और जनता की हितेषी सरकार का चुनाव करें जिसके लिये मिल्लत बेदारी मुहिम कमेटी ‘‘कारवान-ए-बेदारी’’ का आयोजन कर रही है जो जनता के बीच जाकर कांग्रेस की अल्पसंख्यकों और विशेष रूप से मुसलमानों के हित में बनाई जाने वाली नीतियों से जनता को अवगत कराके कांग्रेस के पक्ष में चुनाव अभियान चलायेगा।
इस अवसर पर एम॰बी॰एम॰सी॰ के अध्यक्ष प्रो॰ रज़ाउल्लह खान, प्रो॰ हुमायु मुराद, अमुवि छात्रा नेत्री इरम खान और जामिया उर्दू के ओ॰एस॰डी॰ फरहत अली खान ने भी उपस्थित समुदाय को संबोधित किया।
इस अवसर पर दि अलीगढ़ मूवमेंट पत्रिका द्वारा श्री अज़ीज़ बर्नी को पत्रकारिता के क्षेत्र में एवं एन॰सी॰पी॰यू॰एल॰ के निदेशक डॉ॰ एम॰ हमीदुल्ला को उर्दू के विकास के क्षेत्र में प्रतिष्ठित ‘‘अलीगढ़ मूवमेंट अवार्ड-2011’’ से सम्मानित किया गया। यह अवार्ड श्री महेश भट्ट के करकमलों द्वारा प्रदान किये गये।
कार्यक्रम के अंत में मिल्लत बेदारी मुहिम कमेटी का कांग्रेस के पक्ष में चुनाव प्रचार कारवान-ए-बेदरी की रवांगी के साथ प्रारम्भ हुआ श्री महेश भट्ट ने झंडी दिखाकर ‘‘कारवान-ए-बेदारी’’ को रवाना किया। यह कारवां कांग्रेस के पक्ष में उ॰प्र॰ में चुनावी मुहिम चलाकर जन चेतना जाग्रत करेगा।
कार्यक्रम का संचालन उवैस जमाल शम्सी ने किया। इस अवसर पर उवैस जमाल शमसी, निकहत परवीन, मुज्जन खाँ, एन॰ जमाल अंसारी, दीवा अबरार, फेहमीना नफीस, दौलत राम, नदीम अली खाँ, अकबर अली खाँ और अकील समदानी विशेष रूप से उपस्थित थे।








